श्रीगंगानगर/हनुमानगढ़। भाखड़ा, गंगनहर एवं इंदिरा गांधी नहर (आईजीएनपी) में सिंचाई जल की कमी को लेकर रविवार को सांसद कुलदीप इंदौरा के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने चीफ इंजीनियर से मुलाकात की। बैठक में क्षेत्र के किसानों के सामने उत्पन्न सिंचाई संकट पर गंभीर चर्चा करते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खरीफ फसलें पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर हैं। ऐसे में गंगनहर, भाखड़ा और इंदिरा गांधी नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। समय पर सिंचाई जल नहीं मिलने की स्थिति में मूंग, ग्वार, कपास सहित अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।बैठक में गंगनहर की लंबित सफाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नहर की सफाई शीघ्र पूर्ण कर राजस्थान को उसके निर्धारित हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही इंदिरा गांधी नहर परियोजना में किसानों की जरूरत को देखते हुए तत्काल दो समूहों में पानी छोड़े जाने तथा भाखड़ा परियोजना से पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की मांग की गई।
यह भी कहा गया कि प्रदेश की तीनों प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं—भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर—से किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए, ताकि लाखों किसानों की फसलें सुरक्षित रह सकें और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सिंचाई जल की समस्या का समाधान शीघ्र होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस विषय पर गंभीरता से कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई।
बैठक में विधायक सोहन नायक, डूंगर राम गैदर, शिमला नायक, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, पूर्व विधायक राजकुमार गौड़, व राजेंद्र भादू, दुलाराम इण्डलिया, दयाराम जाखड़, भूपेंद्र चौधरी, जयदेव भिड़ासरा,राकेश शर्मा, कृष्ण नेहरा, नवनीत संधू सरपंच, जगदीश घनगस सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग उठाते हुए कहा कि यदि समय पर पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो खरीफ फसलों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।