क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने के लिए होगी रिसर्च, किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग
जयपुर/श्रीगंगानगर। राजस्थान की भाजपा सरकार ने टांटिया ग्रुप को श्रीगंगानगर में किन्नू का ऐसा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है, जहां किन्नू की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने पर रिसर्च होगी और किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। एग्रिकल्चर स्टूडेंट्स के लिए यह सीओई ज्ञान का भंडार होगा, वहीं पोस्ट हार्वेस्टिंग मैकेनिज्म की भी मिसाल बनेगा। राज्य सरकार की यह सौगात निश्चित रूप से गंगानगरी किन्नू के सुनहरे दौर की शुरुआत करेगी, जिससे किन्नू उत्पादकों और व्यापारियों के भी दिन फिरेंगे।
टांटिया यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन डॉ मोहित टांटिया बताते हैं कि हमारे किन्नू की मिठास और खासियत सब फलों से अलग और अनूठी है। बावजूद इसके आज तक ना तो किन्नू को सही कीमत मिली है और ना ही सही बाजार, जिसका सीधा असर किसानों की आमदनी और व्यापारियों के मनोबल पर पड़ता रहा है। सरकार ने टांटिया ग्रुप को 'सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ किन्नू ' (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाने की जिम्मेदारी सौंपकर इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है, जिसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा, राज्य के प्रमुख सचिव बी श्रीनिवासन और कृषि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती मंजू राजपाल का जितना आभार जताया जाए, कम है। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश के बजट में तीन नए सीओई बनाए जाने की घोषणा की थी, जिनमें श्रीगंगानगर का किन्नू भी शामिल था।
देश में पहली बार प्राइवेट यूनिवर्सिटी को जिम्मा
श्रीगंगानगर में किन्नू का सीओई स्थापित करने के लिए विगत दिवस जयपुर में राज्य सरकार की ओर से हॉर्टिकल्चर कमिश्नर श्रीमती श्वेता चौहान (आईएएस) और टांटिया ग्रुप के जनरल मैनेजर डॉ विकास सचदेवा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। देश में पहली बार इस तरह का सीओई बनाने का जिम्मा किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी को दिया गया है। केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मिलने वाले अनुदान से प्रस्तावित इस सेंटर के लिए हॉर्टिकल्चर के ज्वाइंट डायरेक्टर हिम्मत सिंह शेखावत, डिप्टी डायरेक्टर गोविंद श्रीवास्तव और प्रीति गर्ग का विशेष मार्गदर्शन रहा है।

