माधव विश्वविद्यालय को आईआईआरएस-इसरो आउटरीच नेटवर्क इंस्टीट्यूट की मान्यता

 डॉ. मनीष कुमार समन्वयक व डॉ. अंकुर कुमार मीणा सह-समन्वयक नियुक्त

माधव विश्वविद्यालय को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अधीन कार्यरत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईआईआरएस), देहरादून द्वारा आईआईआरएस-इसरो आउटरीच नेटवर्क इंस्टीट्यूट के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय अब आईआईआरएस-इसरो के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकृत नेटवर्क इंस्टीट्यूट बन गया है। इसके संचालन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. मनीष कुमार को समन्वयक तथा डॉ. अंकुर कुमार मीणा को सह-समन्वयक नियुक्त किया है।


विश्वविद्यालय द्वारा आईआईआरएस के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय को अधिकृत नोड के रूप में मान्यता प्रदान की गई। अब विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी और संकाय सदस्य रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस), अंतरिक्ष विज्ञान एवं भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों, विशेषज्ञ व्याख्यानों और कार्यशालाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
समन्वयक डॉ. मनीष कुमार एवं सह-समन्वयक डॉ. अंकुर कुमार मीणा आईआईआरएस के लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के माध्यम से विद्यार्थियों के पंजीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन, उपस्थिति, शैक्षणिक समन्वय तथा आईआईआरएस-इसरो के साथ अकादमिक गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करेंगे।
विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राजकुमार ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि आईआईआरएस-इसरो जैसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
प्रो-चेयरपर्सन डॉ. भारती देसाई ने बताया कि इस मान्यता से विश्वविद्यालय में ज्ञान, अनुसंधान और कौशल विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
चांसलर हिम्मतसिंह देवल ने कहा कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा के दौर में यह उपलब्धि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और नवीनतम तकनीकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. सुशील भार्गव ने इसे विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय संस्थानों के साथ इस प्रकार का सहयोग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा देगा।
वहीं रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने डॉ. मनीष कुमार और डॉ. अंकुर कुमार मीणा को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर डेप्युटी रजिस्ट्रार डूंगर सिंह एवं अकादमिक डेप्युटी रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post