हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग में नहीं होगी लापरवाही

नियमित विजिट और सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें: संयुक्त निदेशक डॉ. चौधरी

श्रीगंगानगर। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से बुधवार को श्रीगंगानगर पहुंचे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला भी जुड़े और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की गंभीरता से पालना करते हुए समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वीसी के दौरान डॉ. देवेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रत्येक हाईरिस्क गर्भवती महिला की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गर्भावस्था के दौरान निर्धारित चार एएनसी जांचें अनिवार्य रूप से करवाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भावस्था के सातवें, आठवें एवं नौवें माह में आशा सहयोगिनी अथवा एएनएम द्वारा गर्भवती महिला के घर का अनिवार्य रूप से विजिट किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को रक्तचाप (बीपी) सहित अन्य जांचों की सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण (एमसीएचएन) दिवस का गंभीरता से आयोजन कराने तथा लेबर रूम एवं ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में निर्धारित एसओपी की पूर्ण पालना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर रूम में केवल प्रशिक्षित स्टाफ की ही ड्यूटी लगाई जाए। बैठक में 104 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की नियमित समीक्षा करने, संस्थागत प्रसव की प्रत्येक एंट्री समय पर पोर्टल पर दर्ज करने तथा मिसिंग डिलीवरी की रिपोर्ट को शून्य करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को हाईरिस्क प्रेगनेंसी प्रबंधन कार्यों में सक्रिय रूप से जोड़े जाने पर भी जोर दिया। डॉ. चौधरी ने कहा कि यदि किसी गर्भवती महिला को रेफर किया जाता है तो उसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज, जांच रिपोर्ट एवं रेफरल का स्पष्ट कारण लिखा जाना चाहिए, ताकि उच्च संस्थान पर उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने विशेष रूप से एनीमिया एवं कम हीमोग्लोबिन वाली गर्भवतियों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मातृ मृत्यु अथवा अन्य गंभीर मामलों में तथ्यात्मक एवं पूर्ण रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। वीसी में सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने कहा कि विभाग द्वारा जारी प्रत्येक निर्देश की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं एवं सही रिपोर्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि जिले में सुरक्षित मातृत्व को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।


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